सिद्धार्थनगर: बदलते मौसम में अस्थमा के मरीजों को सता रहा वायरल व खांसी
सिद्धार्थनगर। मौसम के बदलते चक्र से लोगों को वायरल फीवर और खांसी परेशान कर रही है। ऐसे में अस्थमा के मरीजों को कुछ ज्यादा ही परेशानी हो रही है।वायरल फीवर होने से अस्थमा के मरीजों में सांस लेने में सबसे अधिक परेशानी हो रही है। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन ऐसे 10 से 15 मरीज आ रहे हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में वायरल बुखार, खांसी-जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इन बीमारियों से महिला-पुरुष से लेकर बच्चे तक प्रभावित हो रहे हैं, जबकि सबसे अधिक परेशानी वायरल के मरीजों को हो रही है। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि इन दिनों तापमान एक जैसा नहीं है। बारिश होने पर मौसम में नरमी देखने को मिल रही है। इसके बाद तल्ख धूप और उमस हो रही है। ठंड-गर्म के इस उतार-चढ़ाव में लोग बीमार पड़ रहे हैं। बदन दर्द से शुरू होने वाली समस्या बुखार और खांसी-जुकाम तक पहुंच जा रही है।उन्होंने बताया कि ओपीडी में वायरल के प्रतिदिन 90 से 100 मरीज आ रहे हैं। इसमें से अस्थमा के भी 10 से 15 मरीज पहुंच रहे हैं। अस्थमा के मरीजों को वायरल होने पर सांस लेने में सबसे अधिक परेशानी हो रही है। मरीजों को अस्थमा का दवा लेने का सलाह दिया जा रहा है, जबकि बदलते मौसम में इन्हेलर को हमेशा अपने साथ रखने का भी सलाह दी जा रही है। अस्थमा के मरीजों को अभी से ही सावधानियां बरतने की जरूरत है, जबकि आगे मौसम में बदलाव होने से परेशानी और भी बढ़ सकती है।
इन बातों का रखें ध्यान
-सांस रोगी दवा की पर्याप्त खुराक लें
-इन्हेलर साथ रखें, नियमित उपयोग करें
-धूल आदि होने पर मास्क लगाएं
-अस्थमा का अटैक आए तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
-वायरल मरीजों के पास बैठते समय मुंह पर मास्क का प्रयोग करे
-ऐसे मौसम में ठंडी वस्तुओं को प्रयोग करने से बचे






